राजधानी दिल्ली में एक कुत्ते को पत्थर मारने पर उसके मालिक ने गोली मारकर युवक की जान ले ली. यह घटना रविवार रात उत्तर पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके की है. बताया जा रहा है कि मृतक अशफाक रविवार रात काम से घर लौट रहा था तभी घर में बंधा एक कुत्ता उस पर भौंकने लगा. उसे कुत्ता काट न ले इस डर ने उसने कुत्ते पर पत्थर फेंक दिया.
कुत्ते को पत्थर मारने से उसका मालिक मेहताब बौखला गया. उसने अपनी पिस्टल निकाली और अशफाक पर गोली चला दी. खून से लथपथ अशफाक को देख आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और उसे अस्पताल लेकर गए. लेकिन खून ज्यादा बहने से उसकी मौत हो गई.
गोली चलाने के बाद फरार हुआ कुत्ते का मालिक...
इस बारे में डीसीपी नॉर्थ ईस्ट अतुल ठाकुर ने बताया कि अशफाक दिल्ली के वेलकम इलाके में घूम रहा था. इस बीच कुत्ते को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया. शुरुआती जांच में यह सामने आया कि कुत्ता अशफाक को काटने वाला था. उससे बचने के लिए कुत्ते पर पत्थर मारा. यह देख बौखलाए मेहताब ने गोली चला दी. उसे अस्तापल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया. घटना के बाद से कुत्ते का मालिक मेहताब फरार है. फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है. मामले की जांच की जा रही है.
कपड़े सिलने का काम करता था अशफाक...
वेलकम इलाके के रहने वाला 35 साल का अशफाक कपड़े की सिलाई का काम करता था. वह वारदात के वक्त अपनी दुकान से ही रात में घर लौट रहा था. तभी गली से गुजरते हुए कुत्ता उस पर भौंकने लगा. कुत्ते को पत्थर मारने पर उसके मालिक ने उसे गोली मार दी.
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर को गाज़ी अपने दो आतंकी साथियों के साथ कश्मीर में दाखिल होने में कामयाब हो गया है. माना जा रहा है कि वो कश्मीर के पुलवामा तक पहुंच चुका है. और उसे पहली जिम्मेदारी अल कायदा की तर्ज पर कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती करने की दी गई है. बताया जा रहा है कि गाज़ी अफगानिस्तान में अमेरिका और नॉटो फोर्स के खिलाफ लड़ता रहा है.
हाल के दिनों में कश्मीर घाटी से जिन भी युवाओं ने आतंक का रास्ता अपनाया. वो छह महीने से ज्यादा वक्त तक सक्रिय नहीं रह पाए. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में नए आतंकी जल्दी निशाने पर आते हैं. पहले के मुक़ाबले अब इन आतंकियों की ट्रेनिंग न के बराबर होती है. आतंकियों में ट्रेनिंग की कमी के चलते पाकिस्तान में आतंक के आकाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
जानकारों की मानें तो अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे ट्रेंड आतंकियों की घुसपैठ आने वाले दिनों में बढ़ सकती है. और अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से अपनी पूरी फौज को वापस बुलाने के फैसले से भारत में आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं. पैसों का लालच देकर पाकिस्तान और वहां कि आतंकी तंज़ीमें इन्हें भारत के खिलाफ फिर से इस्तेमाल कर सकती हैं. जैसा की 90 के दशक में हुआ था. सूत्रों की मानें तो फ़िलहाल जम्मू कश्मीर में इस वक़्त 120 से ज़्यादा विदेशी आतंकी मौजूद हैं. जो कभी भी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.
कुत्ते को पत्थर मारने से उसका मालिक मेहताब बौखला गया. उसने अपनी पिस्टल निकाली और अशफाक पर गोली चला दी. खून से लथपथ अशफाक को देख आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और उसे अस्पताल लेकर गए. लेकिन खून ज्यादा बहने से उसकी मौत हो गई.
गोली चलाने के बाद फरार हुआ कुत्ते का मालिक...
इस बारे में डीसीपी नॉर्थ ईस्ट अतुल ठाकुर ने बताया कि अशफाक दिल्ली के वेलकम इलाके में घूम रहा था. इस बीच कुत्ते को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया. शुरुआती जांच में यह सामने आया कि कुत्ता अशफाक को काटने वाला था. उससे बचने के लिए कुत्ते पर पत्थर मारा. यह देख बौखलाए मेहताब ने गोली चला दी. उसे अस्तापल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया. घटना के बाद से कुत्ते का मालिक मेहताब फरार है. फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है. मामले की जांच की जा रही है.
कपड़े सिलने का काम करता था अशफाक...
वेलकम इलाके के रहने वाला 35 साल का अशफाक कपड़े की सिलाई का काम करता था. वह वारदात के वक्त अपनी दुकान से ही रात में घर लौट रहा था. तभी गली से गुजरते हुए कुत्ता उस पर भौंकने लगा. कुत्ते को पत्थर मारने पर उसके मालिक ने उसे गोली मार दी.
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर को गाज़ी अपने दो आतंकी साथियों के साथ कश्मीर में दाखिल होने में कामयाब हो गया है. माना जा रहा है कि वो कश्मीर के पुलवामा तक पहुंच चुका है. और उसे पहली जिम्मेदारी अल कायदा की तर्ज पर कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती करने की दी गई है. बताया जा रहा है कि गाज़ी अफगानिस्तान में अमेरिका और नॉटो फोर्स के खिलाफ लड़ता रहा है.
हाल के दिनों में कश्मीर घाटी से जिन भी युवाओं ने आतंक का रास्ता अपनाया. वो छह महीने से ज्यादा वक्त तक सक्रिय नहीं रह पाए. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में नए आतंकी जल्दी निशाने पर आते हैं. पहले के मुक़ाबले अब इन आतंकियों की ट्रेनिंग न के बराबर होती है. आतंकियों में ट्रेनिंग की कमी के चलते पाकिस्तान में आतंक के आकाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
जानकारों की मानें तो अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे ट्रेंड आतंकियों की घुसपैठ आने वाले दिनों में बढ़ सकती है. और अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से अपनी पूरी फौज को वापस बुलाने के फैसले से भारत में आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं. पैसों का लालच देकर पाकिस्तान और वहां कि आतंकी तंज़ीमें इन्हें भारत के खिलाफ फिर से इस्तेमाल कर सकती हैं. जैसा की 90 के दशक में हुआ था. सूत्रों की मानें तो फ़िलहाल जम्मू कश्मीर में इस वक़्त 120 से ज़्यादा विदेशी आतंकी मौजूद हैं. जो कभी भी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.
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