महानायक अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं. वे अक्सर अपने अनुभव फैन्स से शेयर करते रहते हैं. साथ ही गुजरे वक्त की यादें भी साझा करते हैं. अमिताभ की पोती आराध्या 7 साल की हो चुकी हैं. इस मौके पर अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर आराध्या की फोटो शेयर की हैं और दुआएं दी हैं.
फोटो में आराध्या स्माइल कर रही हैं और काफी क्यूट लग रही हैं. इस दौरान वे अलग-अलग पोज देती नजर आ रही हैं. वे सफेद रंग की प्रिंटेड टीशर्ट में हैं और उन्होंने पिंक कलर का हेयरबैंड लगाया है.
अमिताभ ने आराध्या को बर्थडे विश करते हुए लिखा- घर वालों का आशीर्वाद पोती के साथ हमेशा है. आपकी लंबी उम्र हो, खुश रहिए, और फक्र से रहिए. बता दें कि पिछले साल आराध्या का बर्थडे बड़ी धूम-धाम से मनाया गया था. इसमें कई सारे स्टार किड शामिल हुए थे.
इस बार अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि बच्चन परिवार नन्हीं आराध्या का बर्थडे किस स्पेशल ढंग से सेलिब्रेट करेगा. पिछले बार इसे बड़ी धूमधाम से मनाया गया था. पार्टी में शाहरुख खान, बेटे अबराम के साथ पहुंचे थे. अमिताभ ने दोनों की फोटोज भी सोशल मीडिया पर शेयर की थी.
बच्चन परिवार की लाडली, आराध्या किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं हैं. मां के साथ उनकी प्यारी फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है. कुछ ही दिन पहले दशहरा के मौके पर आराध्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था जिसमें वे स्कूल प्ले में सीता का रोल प्ले करती नजर आईं थीं.
राजस्थान का सियासी रण काफी दिलचस्प हो गया है. एक तरफ सत्ताधारी बीजेपी, पार्टी में बगावत से जूझ रही है, तो वहीं विपक्षी दल कांग्रेस में भी पिछले पांच दिनों से उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर कश्मकश जारी है. भले ही कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी न की हो लेकिन बुधवार को इस बात का ऐलान हो गया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे.
कांग्रेस के संगठन महासचिव बनने के बाद इस तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि अब पू्र्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य की राजनीति नहीं करेंगे. इसलिए यह माना जा रहा था कि प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के लिए अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने का रास्ता साफ है. अशोक गहलोत भी कई बार इस बात को दोहरा चुके थे कि वो पार्टी में ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं कि अब वो मुख्यमंत्री बनेंगे नहीं बल्कि बनाएंगे.
कांग्रेस का एक बहुत बड़ा धड़ा मध्यप्रदेश का फार्मूला अपनाने पर जोर दे रहा था, जिसमें बड़े और कद्दावर नेता चुनाव न लड़ते हुए पार्टी को जिताने पर ध्यान केंद्रित करें. लिहाजा यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर क्या वजह रही कि पार्टी आलाकमान को प्रदेश के दो बड़े ध्रुव, अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों को चुनाव लड़ाने पर मजबूर होना पड़ा?
साथ में मोटरसाइकिल की सवारी, अब दोनों सीएम की रेस में
अब तक राजस्थान की हर सभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जनता के सामने ये दिखाने की कोशिश की है कि राजस्थान में पार्टी एकजुट है और दो अलग-अलग पीढ़ी के नेताओं में कोई मतभेद नहीं है. सचिन पायलट और अशोक गहलोत भी एकजुटता का संदेश देने के लिए संकल्प रैलियों में एक बस में साथ सवार होकर सभा में शामिल होते रहे. वहीं करौली की एक जनसभा में जाते समय जब रास्ते में काफी जाम लग गया तब पायलट ने एक कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल मांगी और गहलोत को पीछे बैठाकर खुद मोटरसाइकिल चलाते हुए रैली स्थल पहुंच गए. राहुल गांधी ने भी दोनों नेताओं की इस तस्वीर का जिक्र करते हुए मंच से कहा था कि वे अब आश्वस्त हैं कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है.
फोटो में आराध्या स्माइल कर रही हैं और काफी क्यूट लग रही हैं. इस दौरान वे अलग-अलग पोज देती नजर आ रही हैं. वे सफेद रंग की प्रिंटेड टीशर्ट में हैं और उन्होंने पिंक कलर का हेयरबैंड लगाया है.
अमिताभ ने आराध्या को बर्थडे विश करते हुए लिखा- घर वालों का आशीर्वाद पोती के साथ हमेशा है. आपकी लंबी उम्र हो, खुश रहिए, और फक्र से रहिए. बता दें कि पिछले साल आराध्या का बर्थडे बड़ी धूम-धाम से मनाया गया था. इसमें कई सारे स्टार किड शामिल हुए थे.
इस बार अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि बच्चन परिवार नन्हीं आराध्या का बर्थडे किस स्पेशल ढंग से सेलिब्रेट करेगा. पिछले बार इसे बड़ी धूमधाम से मनाया गया था. पार्टी में शाहरुख खान, बेटे अबराम के साथ पहुंचे थे. अमिताभ ने दोनों की फोटोज भी सोशल मीडिया पर शेयर की थी.
बच्चन परिवार की लाडली, आराध्या किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं हैं. मां के साथ उनकी प्यारी फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है. कुछ ही दिन पहले दशहरा के मौके पर आराध्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था जिसमें वे स्कूल प्ले में सीता का रोल प्ले करती नजर आईं थीं.
राजस्थान का सियासी रण काफी दिलचस्प हो गया है. एक तरफ सत्ताधारी बीजेपी, पार्टी में बगावत से जूझ रही है, तो वहीं विपक्षी दल कांग्रेस में भी पिछले पांच दिनों से उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर कश्मकश जारी है. भले ही कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी न की हो लेकिन बुधवार को इस बात का ऐलान हो गया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे.
कांग्रेस के संगठन महासचिव बनने के बाद इस तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि अब पू्र्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य की राजनीति नहीं करेंगे. इसलिए यह माना जा रहा था कि प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के लिए अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने का रास्ता साफ है. अशोक गहलोत भी कई बार इस बात को दोहरा चुके थे कि वो पार्टी में ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं कि अब वो मुख्यमंत्री बनेंगे नहीं बल्कि बनाएंगे.
कांग्रेस का एक बहुत बड़ा धड़ा मध्यप्रदेश का फार्मूला अपनाने पर जोर दे रहा था, जिसमें बड़े और कद्दावर नेता चुनाव न लड़ते हुए पार्टी को जिताने पर ध्यान केंद्रित करें. लिहाजा यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर क्या वजह रही कि पार्टी आलाकमान को प्रदेश के दो बड़े ध्रुव, अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों को चुनाव लड़ाने पर मजबूर होना पड़ा?
साथ में मोटरसाइकिल की सवारी, अब दोनों सीएम की रेस में
अब तक राजस्थान की हर सभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जनता के सामने ये दिखाने की कोशिश की है कि राजस्थान में पार्टी एकजुट है और दो अलग-अलग पीढ़ी के नेताओं में कोई मतभेद नहीं है. सचिन पायलट और अशोक गहलोत भी एकजुटता का संदेश देने के लिए संकल्प रैलियों में एक बस में साथ सवार होकर सभा में शामिल होते रहे. वहीं करौली की एक जनसभा में जाते समय जब रास्ते में काफी जाम लग गया तब पायलट ने एक कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल मांगी और गहलोत को पीछे बैठाकर खुद मोटरसाइकिल चलाते हुए रैली स्थल पहुंच गए. राहुल गांधी ने भी दोनों नेताओं की इस तस्वीर का जिक्र करते हुए मंच से कहा था कि वे अब आश्वस्त हैं कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है.
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